आस्मां झुकता नहीं ज़मीं के लिए
वक्त रुकता नहीं किसी के लिए
उनकी मुट्ठी हवा ही रहती है
जो लपकते हैं रोशनी के लिए
दूसरों की मुस्कराहट छीनने वाले
ख़ुद तरस जाते हैं हँसी के लिए
इक तमाशा बहुत अजब है यहाँ
लोग मरते हैं ज़िन्दगी के लिए
वक्त रुकता नहीं किसी के लिए
उनकी मुट्ठी हवा ही रहती है
जो लपकते हैं रोशनी के लिए
दूसरों की मुस्कराहट छीनने वाले
ख़ुद तरस जाते हैं हँसी के लिए
इक तमाशा बहुत अजब है यहाँ
लोग मरते हैं ज़िन्दगी के लिए